नाक रगड़ना मुहावरे का क्या अर्थ होता है? Naak Ragadana Muhavare ka Meaning in Hindi.

Naak Ragadana Muhavara Meaning in Hindi / नाक रगड़ना मुहावरे का अर्थ।

मुहावरा - "नाक रगड़ना"।

“नाक रगड़ना” मुहावरे का व्याख्या –

“नाक रगड़ना” यह हिंदी भाषा मे बोले जाने वाला मुहावरा एक मुहावरा है। इसका अर्थ विनती करना अथवा छमा याचना करना होता है।
व्याख्या – गाँव वालो के सामने रतन नाक रगड़ता रहा, पर गाँव वाले ने उसकी एक नही सुनी और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। रतन को चोरी करते हुए गाँव वालो ने पकड़ लिया। रतन गाँव वालो के सामने बहुत गिड़गिड़ाया और छमा याचना भी मांगी, पर गाँव वालो ने उसे माफ नही किया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। रतन का इस तरह से गाँव वालो के सामने गिड़गिराने और छमा याचना करने को ही “नाक रगड़ना” कहते है।

Naak Ragadana Muhavare Ka Arth / “नाक रगड़ना” मुहावरे का अर्थ।

  • मुहावरा – “नाक रगड़ना”।
    – (Muhavara : Naak Ragadana).
  • हिंदी मे अर्थ – विनती करना / खुशामद करना / गिड़गिड़ाना / छमा याचना करना / बहुत अनुनय करना।
    – (Meaning in Hindi : Vinati Karna / Khushamad Karna / Chhana Yachana Karna / Bahut Anunay Karna).

“नाक रगड़ना” मुहावरे का वाक्य प्रयोग / Naak Ragadana Muhavare Ka Vaky Prayog.

“नाक रगड़ना” इस मुहावरे का वाक्य प्रयोग नीचे दिये गये उदाहरणों के माध्यम से समझा जा सकता है।

उदाहरण- 1.

कविता के पति सुरेश ने कविता के आगे बहुत नाक रगड़ा लेकिन कविता ने अपने पति को माफ़ नही किया। सुरेश जब भी घर आता कविता से हमेशा बहस करना शुरु कर देता। पर कविता कुछ नही बोलती थी। एक दिन दोनो मे कुछ ज्यादा ही लड़ाई हो गयी। जिसकी वजह से कविता घर छोड़ कर चली गयी। सुरेश ने कविता से बहुत विनती कि उसके सामने बहुत गिड़गिड़ाया कि गलती हो गयी है मुझे माफ़ कर दो और घर चलो। पर कविता पर सुरेश की बातो का कोई भी प्रभाव नही पड़ा। कविता ने सुरेश को माफ नही किया और उसके साथ आने से भी मना कर दिया। सुरेश का अपनी पत्नी के सामने छमा याचना करना अथवा विनती करने को ही “नाक रगड़ना” कहते है।

उदाहरण- 2.

रामू नाक रगड़ता रह गया परन्तु मोहित ने उसकी एक नही सुनी। मोहित ने रामू से बोला था कि कभी मेरी जरूरत पड़े तो मुझे याद जरूर करना। क्युकी रामू ने मोहित के बुरे वक़्त मे उसका साथ दिया था। एक समय ऐसा आया की रामू किसी बड़ी मुसीबत मे फ़स गया था। तो उसे मोहित की याद आयी। रामू ने मोहित को अपनी परेशानी बताई तो मोहित ने मदत करने से इनकार कर दिया। रामू बहोत गिड़गिराया की मोहित मेरी मदत कर दो पर मोहित ने रामू की बातो को अनसुना कर दिया। रामू का मोहित के सामने इस तरह से मदत के लिए गिरगिड़ाने को ही “नाक रगड़ना” कहते है।

उदाहरण- 3.

राघव ने अपने पिता के सामने बहोत नाक रगड़ा तब जाकर उसे जायजात मे हिस्सा मिला। राघव की सादी हो चुकी थी। फिर भी वो अपनी पत्नी और अपने बच्चों का ख्याल नही रख पा रहा था। उसके पिता ही परिवार का खर्च चलाते थे। राघव गलत संगत मे पड़ गया था। कोई काम भी नही करता था। उसके पिता ने उससे बोला की मै तुम्हे अपनी जायजात से बेदखल करता हु। इतना सुनते ही राघव अपने पिता के पैर पकड़ कर गिड़गिराने लगा। उसने बोला कि पिता जी मुझे अब माफ़ कर दीजिये। मै अब सुधर जाऊंगा। मुझे जायजात से बेदखल मत कीजिये।

मेरे बीबी बच्चों का क्या होगा? राघव ने अपने पिता से छमा याचना किया और बहुत गिड़गिराया तब जाकर उसके पिता ने उसे जायजात मे थोड़ा हिस्सा दिया ताकी वो अपने परिवार का पालन पोषण कर सके। राघव का अपने पिता के सामने जायजात के लिए इस तरह से गिरगिड़ाना ही “नाक रगड़ना” कहलाता है।

उदाहरण- 4.

घरेलू हिंसा के जुर्म में प्रकाश और उसके परिवार को पुलिस पकड़ कर थाने ले गयी। वहा पर प्रकाश और उसके परिवार वाले बहोत नाक रगड़े, यानी की वो लोग पुलिस के सामने बहोत गिड़गिराये और विनती किये पर पुलिस ने उन्हे जमानत नही दिया। प्रकाश और उसके परिवार वालो का जमानत के लिए इस तरह से गिरगिड़ाने को ही “नाक रगड़ना” कहते है।

हमें उम्मीद है कि आपको इस मुहावरे का अर्थ समझ मे आगया होगा। अपने सुझाव देने के लिए हमें कमेंट करें।

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