सीधे मुँह बात न करना मुहावरे का क्या अर्थ होता है? Sidhey Muh Baat Na Karna Muhavara Meaning in Hindi.

Sidhey Muh Baat Na Krna Muhavare Ka Meaning in Hindi / सीधे मुँह बात न करना मुहावरे का अर्थ।

मुहावरा - "सीधे मुँह बात न करना"।
“सीधे मुँह बात न करना” मुहावरे का व्याख्या –

“सीधे मुँह बात न करना” यह मुहावरा हिंदी भाषा के बोलचाल में काफ़ी ज्यादा प्रचलित है। इस मुहावरे का मतलब घमंड से बात करना अथवा अभिमान से बात करना होता है।
व्याख्या – जब कोई व्यक्ति सफल हो जाता है या फिर वह कोई मुकाम हासिल कर लेता है तो उसके बात करने के तरिके से ही पता चल जाता है की वह घमंड से बात कर है अथवा अभिमान में बात कर रहा है। मतलब की अगर ऐसे व्यक्ति अपनी सफलता पर घमंड करें अथवा अकड़ कर बात करें तो इसे ही “सीधे मुँह बात न करना” कहते हैं ।
जैसे- राजू की जबसे सरकारी नौकरी लगी है तब से वह किसी से भी सीधे मुँह बात नही करता है।

Sidhey Muh Baat Na Krna Muhavare Ka Arth / “सीधे मुँह बात न करना” मुहावरे का अर्थ।

  • मुहावरा – “सीधे मुँह बात न करना”।
    –(Muhavara – Sidhey Muh Baat Na Krna).
  • हिंदी में अर्थ – अहंकार (घमंड) से बात करना / अकड़ कर बात करना / अभिमान से बात करना।
    –(Meaning in Hindi – Ghamand Se Baat Krna / Akad Kar Baat Krna / Abhiman Se Baat Krna).

“सीधे मुँह बात न करना” मुहावरे का वाक्य प्रयोग / Sidhey Muh Baat Na Krna Muhavare Ka Vaky Prayog.

“सीधे मुँह बात न करना” इस मुहावारे का वाक्य प्रयोग नीचे दिये गये उदाहरणों के माध्यम से समझा जा सकता है।

उदाहरण- 1.

रघु नाम का एक आदमी था। वह किसी से भी सीधे मुह बात नही करता था। जब उसकी सादी हुयी तो उसे बहुत सारा दहेज़ मिला जिससे उसे अभिमान हो गया की मुझे तो खूब सारा दान दहेज़ मिला है। इसी की वजह से वह अपने मित्रो तथा अन्य लोगो से भी अकड़ कर बात करता था। रघु का इस तरह से अकड़ कर बात करना ही “सीधे मुँह बात न करना” कहलाता है।

उदाहरण- 2.

जब काव्या ने परीक्षा पास की है तबसे वह अपनी सहेलियों से सीधे मुँह बात नही करती है। काव्या अपनी कक्षा में सबसे कम बोलने वाली लड़की थी। वह हमेशा पढ़ती लिखती रहती थी। वह कभी कभार ही किसी से बोलती थी। जब परीक्षा हो गया और काव्या परीक्षा में सबसे अधिक नंबर लाकर पास हुयी तो उसे अपने उपर घमंड हो गया। जिसकी वजह से वह अपनी सहेलियों से और अन्य छात्रों से भी घमंड में ही बात करती थी। काव्या का इस तरीके से घमंड अथवा अभिमान में बात करने को ही “सीधे मुँह बात न करना” कहते है।

उदाहरण- 3.

रामू जब मजदूर था तब वह सबसे सर झूका कर बात करता था लेकिन जैसे ही उसके पास कुछ धन आ गये तब से वह किसी से भी सीधे मुंह बात नही करता है। हुआ ये था की रामू ने कुछ महीने पहले लॉटरी खरीदी थी। और अब उसकी लॉटरी लग गयी है। जिसकी वजह से उसे काफी ज्यादा धन यानी की पैसे मिले है। और इन्ही पैसों के चलते वो अब हर किसी से घमंड में बात करता है। उसे पैसों का अभिमान हो गया है। अर्थात रामू का हर किसी से अब घमंड अथवा अभिमान में बात करने को ही “सीधे मूँह बात न करना” कहते है।

उदाहरण- 4.

सोहनलाल जब से विधायक जी की गाड़ी चला रहा है तब से वह सीधे मुह बात नही कर रहा है। अब तो ऐसा लगता है की सोहनलाल खुद ही विधायक है। जिस तरह से वह बात करता है उसकी अकड़ साफ दिखाई देती है। यही वजह है कि सोहनलाल अब अकड़ कर बात करता है और इसी को कहते है कि “सीधे मुँह बात न करना”

हम उम्मीद करते है कि आपको इस मुहावरे का अर्थ समझ में आ गया होगा। अपना सुझाव हम तक पहुंचाने के लिए नीचे कॉमेंट बॉक्स में लिखे।

… … धन्यवाद !

 

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