जमीन पर पैर न रखना मुहावरे का क्या अर्थ है? Jameen Par Pair Na Rakhna Muhavare Ka Meaning in Hindi.

Jameen Par Pair Na Rakhna Muhavara Meaning in Hindi / जमीन पर पैर न रखना मुहावरे का अर्थ।

मुहावरा - "जमीन पर पैर न रखना"।

“जमीन पर पैर न रखना” मुहावरे का व्याख्या –

“जमीन पर पैर न रखना” हिंदी भाषा में प्रयोग होने वाला मुहावरा है। इसका अर्थ बहुत अभिमान करना या अत्यधिक खुश होना होता है।

व्याख्या – महेश का जबसे रेलवे में नौकरी लग गयी तबसे उसके पिता जी के पैर जमीन पर नही पड़ते है। नौकरी लगने से महेश तो खुश था ही साथ ही साथ उसके पिता जी बहुत अभिमान करने लगे। वो सबको बताते फिरते थे कि मेरे बेटे का रेलवे मे नौकरी लग गयी है। बेटे की नौकरी लगने पर पिता का इस तरह से अभिमान करना ही “जमीन पर पैर न रखना” कहलाता है।

Jameen Par Pair Na Rakhna Muhavare Ka Arth / जमीन पर पैर न रखना मुहावरे का अर्थ।

  • मुहावरा – “जमीन पर पैर न रखना”।
    –(Muhavara : Jameen Par Pair Na Rakhna).
  • हिंदी में अर्थ – बहुत घमंडी होना / बहुत अभिमान करना / अत्यधिक खुश होना।
    –(Meaning in Hindi : Bahot Ghamandi Hona / Bahot Abhiman Krna / Atyadhik Khush Hona).

“जमीन पर पैर न रखना” मुहावरे का वाक्य प्रयोग / Jameen Par Pair Na Rakhna Muhavare Ka Vakya Prayog.

“जमीन पर पैर न रखना” मुहावरे का वाक्य प्रयोग नीचे उदाहरणों के माध्यम से समझाया जा रहा है।

उदाहरण- 1.

शर्मा जी को कारोबार में बहोत अधिक फायदा हो रहा था जिससे उनके पैर जमीन पर नही पड़ रहे थे। चारो तरफ शर्मा जी के कारोबार का ही चर्चा हो रहा था। क्युकी उनका करोबार बहोत तेज़ी से आगे बढ़ रहा था और मुनाफ़ा भी काफ़ी ज्यादा हो रहा था। जिसकी वजह से शर्मा जी अत्यधिक खुश हो रहे थे और साथ ही साथ उनको पैसो का घमंड भी हो रहा था। शर्मा जी का इस तरह से अपने कारोबार को लेकर अत्यधिक खुश होना “जमीन पर पैर न रखने” के समान है ।

उदाहरण- 2.

रत्नाकर नामक एक व्यक्ति था। वैसे तो उसके पास कुछ नही था पर फिर भी उसके पैर जमीन पर नही टिकते थे। रत्नाकर लोगो से हमेशा घमंड में ही बात करता रहता था। उसकी बातो से लोगो को लगता की ये कोई बड़ा आदमी है, और इसके पास बहोत सारा धन दौलत है, तभी तो ये इतने अभिमान में रहता है। रत्नाकर का इस तरह से घमंड दिखलाना ही “जमीन पर पैर न रखने” के समान है।

उदाहरण- 3.

नीलू की एक बहोत बड़े घर में सादी होने से उसके जमीन पर पैर नही पड़ते थे। नीलू एक गरीब परिवार की बेटी थी। वह हमेशा से चाहती थी की उसकी सादी बड़े घर में हो। नीलू को गहनों का बहोत शौख था। नीलू की बड़े घर में सादी होने से उसके सभी शौख आसानी से पूरे हो जा रहे थे। नीलू जब भी अपने मायके आती उसके चेहरे पर अमीर होने का घमंड साफ दिखाई देता था। नीलू अपनी सहेलियों से घमंड में बात करती थी। उसे अमीर होने का अभिमान हो गया था। पर साथ ही साथ नीलू बहोत खुश भी थी। नीलू का इस तरह से अमीर होने पर अभिमान करना ही “जमीन पर पैर न रहना” कहलाता है।

उदाहरण- 4.

रमेश की सादी हुए पूरे 15 साल हो चुके थे। पर उसे संतान सुख की प्राप्ति नही हुयी थी। वह जहा भी जाता लोग उसे हेय दृष्टि से देखते थे। पर कहा जाता है की भगवान के घर में देर होता हैँ अंधेर नही। रमेश को 17वे साल में पुत्र रत्न की प्राप्ति हुयी। वह बहोत खुश था। अब रमेश जहा भी जाता था बहोत अभिमान दिखता था। रमेश का इतने सालो के बाद पुत्र होने पर अत्यधिक खुश होना ही “जमीन पर पैर न रहना” के समान है।

हमे आशा है की आपको इस मुहावारे का अर्थ समझ में आगया होगा। अपने सुझाव देने के लिए हमे कमेंट करें।

… … धन्यवाद !

 

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