बाल की खाल निकालना मुहावरे का क्या अर्थ है? Baal Ki Khaal Nikalna Muhavara Meaning in Hindi.

Baal Ki Khaal Nikalna Muhavare ka Meaning in Hindi / बाल की खाल निकालना मुहावरे का अर्थ।

मुहावरा - "बाल की खाल निकालना"।
“बाल की खाल निकालना” मुहावरे का व्याख्या –

“बाल की खाल निकालना” यह हिंदी भाषा में प्रयोग होने वाला एक उपयोगी मुहावरा है। इसका अर्थ छोटी बात पर तर्क करना अथवा व्यर्थ का दोष निकालना होता है।
व्याख्या – स्कूल में दीपक अपने अध्यापक से सवाल पुछ कर बाल की खाल निकलता रहता है। कक्षा में जब अध्यापक कुछ भी पढ़ाते तो दीपक उनसे हर बात पर तर्क करता रहता है। छोटी से छोटी बात पर भी दीपक अपने अध्यापक से तर्क करने लगता। दीपक का इस तरह से हर बात पर तर्क करना ही “बाल की खाल निकालना” कहलाता है।

Baal Ki Khaal Nikalna Muhavare ka Arth / “बाल की खाल निकालना” मुहावरे का अर्थ।

  • मुहावरा – “बाल की खाल निकालना”।
    – (Muhavara : Baal Ki Khaal Nikalna).
  • हिंदी में अर्थ – छोटी बात पर तर्क करना / अनावश्यक सूक्ष्म विश्लेषण करना / व्यर्थ का दोष निकालना / बारीकी से जाँच पड़ताल करना।
    – (Meaning in Hindi : Chhoti Baat Par Tark Karna / Anavashyak Sukhsm Vishleshan Karna / Vyarth Ka Dosh Nikalna / Bariki se Janch Padtal Karna).

बाल की खाल निकालना मुहावरे का वाक्य प्रयोग / Baal ki Khaal Nikalna Muhavare Ka Vaky Prayog.

“बाल की खाल निकालना” इस मुहावरे का वाक्य प्रयोग नीचे दिये गये उदाहरणों के माध्यम से समझा जा सकता है।

उदाहरण- 1.

रोहन प्रकृति के द्वारा बनाये गये नियमों में भी बाल की खाल निकालता रहता है। एक दिन रोहन अपने पापा के साथ घूमने के लिए घर से बहार निकला। उसने एक बहोत बड़ा आम का पेड़ देखा। लेकिन उसको ये सियाकत थी की पापा इतने बड़े पेड़ पर इतने छोटे छोटे फल क्यू लगे है? पेड़ बड़ा है तो फल भी बड़ा होना चाहिए। फिर कुछ दर बाद उसे कद्दू का पौधा दिखा जिसका तना बहुत पतला और कमजोर था। रोहन ने फिर अपने पापा से बोला की देखो पापा इतने पतले तने पर इतना बड़ा फल लगा है। उसके पापा के पास इसका कोई जबाब नही था। वे चुप चाप सुनते रहते थे। अर्थात रोहन का इस तरह से प्रकृति के द्वारा बनाये गये नियमों में अनावश्यक सूक्ष्म विश्लेषण करना अथवा दोष निकलने को ही “बाल की खाल निकालना” कहते है।

उदाहरण- 2.

मोहन को नई नई नौकरी मिली थी, लेकिन कुछ ही दिनों में उसे नौकरी से निकाल दिया गया क्युकी वो हमेशा बाल की खाल निकालता रहता था। मोहन को एक मशहूर कंपनी में सुपर वाइजर की नौकरी मिली थी। लेकिन अपना कार्य छोड़कर मोहन दुसरो के कार्यो में बारिकी से जाँच पड़ताल करता था। सब लोग मोहन से परेशान हो गये थे। इसलिए सब लोगो ने मिलकर मोहन के खिलाफ मालिक से उसकी शिकायत किया। मालिक ने तुरंत मोहन को नौकरी से निकाल दिया। मोहन का दुसरो के कार्यो में कमिया निकालना अथवा बारिकी से जाँच पड़ताल करना ही “बाल की खाल निकालना” कहते है।

उदाहरण- 3.

भोलू और गीता दोनो बाल की खाल निकालने में माहिर है। भोलू और गीता भाई बहन है। ये दोनो जब भी एक साथ पढ़ाई करने बैठेते तो आपस में व्यर्थ में ही एक दूसरे का दोष निकलते रहते है। भोलू गीता से बोलता कि तुम्हारी लिखावट बहुत गंदी है। तो गीता भोलू से बोलती की तुम्हे तो कुछ आता ही नही है तुम बेकार में पढ़ाई करते हो। और फिर कुछ समय में ही दोनो में छोटी छोटी बातो पर तर्क होने लगता। भोलू और गीता का इस तरह से एक दूसरे का व्यर्थ में ही दोष निकालने अथवा छोटी बातों पर तर्क करने को ही “बाल की खाल निकालना” कहते है।

उदाहरण- 4.

आजकल मीडिया वाले बाल की खाल निकलने में सबसे आगे है। मीडिया वालोंं को अगर कही से भी कोई खबर मिल गयी तो वो उस खबर का बारिकी से जाँच पड़ताल करना चालू कर देते है। और कभी कभी तो ऐसा लगता है की मीडिया वाले भी अनावश्यक सूक्ष्म विश्लेषण करने लगते है। इन्ही कारणों से कभी मीडिया वालो की सराहना भी होती है तो कभी कभी इनकी आलोचना भी। अर्थात मीडिया वालो का किसी भी ख़बर का बारिकी से जाँच पड़ताल करना अथवा अनावश्यक सूक्ष्म विश्लेषण करने को ही “बाल की खाल निकालना” कहते है।

हम आशा करते है की आपको इस मुहावरे का अर्थ समझ में आगया गया होगा। अपने सुझाव देने के लिए हमे कमेंट करें।

… … धन्यवाद !

 

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