मिट्टी के मोल बिकना मुहावरे का क्या अर्थ है? Mitti Ke Mol Bikana Muhavara Meaning in Hindi.

Mitti Ke Mol Bikana Muhavare Ka Meaning in Hindi / मिट्टी के मोल बिकना मुहावरे का अर्थ।

मुहावरा - "मिट्टी के मोल बिकना"।
“मिट्टी के मोल बिकना” मुहावरे का व्याख्या –

“मिट्टी के मोल बिकना” यह हिंदी भाषा में प्रयोग होने वाला एक मुहावरा है। इस मुहावरे का अर्थ बहुत सस्ता बिकना अथवा अत्यंत कम मूल्य पर बिकना होता है।
व्याख्या – गौरी ने अपनी पुस्तैनी कंगन मिट्टी के मोल बेच दिया। गौरी एक गरीब घर की बहु है। गौरी अपने घर में अपनी माँ समान सास और पिता तुल्य ससुर के साथ रहती है। गौरी के पति का देहांत हो चुका है। इसलिए घर में कमाने वाला कोई नही है। गौरी की सास की तबियत अचानक बहुत खराब हो गयी। इलाज करवाने के लिए गौरी के पास पैसे नही है। गौरी को पैसो की तुरंत जरूरत थी इसलिए गौरी को अपनी पुस्तैनी सोने की कंगन को अत्यंत कम मूल्य पर बेचना पड़ा। अर्थात गौरी का सोने की कंगन को बहुत सस्ते में बेचने अथवा अत्यंत कम मूल्य पर बेचने को ही “मिट्टी के मोल बिकना” कहते है।

Mitti Ke Mol Bikana Muhavare Ka Arth / “मिट्टी के मोल बिकना” मुहावरे का अर्थ।

  • मुहावरा – “मिट्टी के मोल बिकना”।
    – (Muhavara : Mitti Ke Mol Bikana).
  • हिंदी में अर्थ – बहुत सस्ता बिकना / अत्यंत कम मूल्य पर बिकना ।
    – (Meaning in Hindi : Bahut Sasta Bikana / Atyant Kam Mulya Par Bikana).

“मिट्टी के मोल बिकना” मुहावरे का वाक्य प्रयोग / Mitti Ke Mol Bikana Muhavare Ka Vaky Prayog.

“मिट्टी के मोल बिकना” इस मुहावरे का वाक्य प्रयोग नीचे दिये गये उदाहरणों के माध्यम से समझा जा सकता है।

उदाहरण- 1.

राघव के खेल पदक मिट्टी के मोल बिक गये। राघव एक धावक था। खेल प्रतियोगिता जितने के लिए राघव बहुत मेहनत करता था। राघव बहुत सारे पदक जीत चुका था और उसका नाम भी बहुत प्रसिद्ध था। लेकिन कहते है ना कि हर वक़्त एक जैसा नही रहता है। राघव एक प्रतियोगिता में दौड़ते हुए घायल हो गया। डॉक्टर ने उसे भविष्य में दौड़ने से मना कर दिया। कुछ सालो के बाद राघव की मुश्किलें बढ़ने लगीं। घर चलाने के भी नौबत आ गयी थी। इसलिए राघव ने बिना कुछ सोचे समझे अपने सारे पदक बहुत सस्ते भाव में बेच दिया। राघव का अपने पदक को अत्यंत कम मूल्य में बेचना ही “मिट्टी के मोल बेचने” के समान है।

उदाहरण- 2.

गणेश ने अपना घर मिट्टी के मोल बेच कर शहर में ही रहने लगा। गणेश नौकरी के लिए शहर गया था। वहा पर गणेश को बहुत अच्छी नौकरी मील गयी। गणेश अपने पूरे परिवार को आराम से अपने साथ रख सकता था। इसलिए गणेश कुछ दिनों के लिए अपने गाँव आया। गणेश अपना घर बेचना चाहता था लेकिन अभी तुरंत उसे कोई मील नही रहा था जिसे वो अपना घर बेच सके। इसलिए गणेश ने ये निश्चय किया की कोई अपनी मर्ज़ी से भी इस घर की कीमत लगा देगा तो उसे उसी कीमत में बेच दूंगा। आखिरकार गणेश को एक ग्राहक मील ही गया जिसे वो अपना घर अत्यंत कम मूल्य में ही बेच दिया। और अपने परिवार को लेकर शहर चला गया। राघव का घर बहुत सस्ते में बिकने को ही “मिट्टी के मोल बिकना” कहते हैं ।

उदाहरण- 3.

रामू ने अपने पशुओं को मिट्टी के मोल बेच दिया। रामू किसान है। अभी कुछ दिन पहले ही खेती करने के लिए रामू ने एक जोड़ी बैल खरीदा। अचानक रामू के पशु बीमार पड़ गये। उसने उनका काफी इलाज करवाया परन्तु कोई फर्क नही पड़ा। इसलिए रामू ने अपने पशुओ को बहुत ही सस्ते दामों में बेच दिया। रामू द्वारा अपने पशुओं को सस्ते दामों में बेचा जाना ही “मिट्टी के मोल बेचना” कहलाता है।

उदाहरण- 4.

सुरेश ने अपने कार को मिट्टी के मोल बेच दिया। सुरेश ने अभी कुछ दिन पहले ही एक पुरानी कार खरीदी थी। कुछ ही दिनों के बाद उस गाड़ी में दिक्कते आने लगी। फिर सुरेश ने उस कार को अत्यंत कम मूल्य में ही बेच दिया या फिर यूं कहे की उसने अपनी कार को बहुत ही सस्ते कीमत में बेच दिया। कार को बहुत ही सस्ते कीमत में बेचने को ही “मिट्टी के मोल बेचना” कहते है।

हम आशा करते है कि आपको इस मुहावरे का अर्थ समझ में आगया होगा। अपने सुझाव देने के लिए हमें कमेंट करें।

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