रंग में भंग पड़ना मुहावरे का क्या अर्थ होता है? Rang Mein Bhang Padna Muhavara Meaning in Hindi.

Rang Men Bhang Padna Muhavare Ka Meaning in Hindi / रंग में भंग पड़ना मुहावरे का अर्थ।

मुहावरा - "रंग में भंग पड़ना"।
“रंग में भंग पड़ना” मुहावरे का व्याख्या –

“रंग में भंग पड़ना” यह हिंदी भाषा में बोले जाने वाला एक बहुत ही उपयोगी मुहावरा है। इस मुहावरे का अर्थ खुशी के उत्सव में किसी प्रकार का विघ्न पड़ना अथवा उल्लास में बाधा पड़ना होता है।
व्याख्या – कमरे में विद्यार्थी जश्न मना रहे थे पर मकान मालिक के आते ही उनके रंग में भंग पड़ गया। विद्यार्थियों का बोर्ड परीक्षा समाप्त हुआ तो वो लोग अपने कमरे में जश्न मना रहे थे। क्युकी सारे विद्यार्थी अपने अपने घर जाने वाले थे। जब विद्यार्थी जश्न मना रहे थे वो उनके जश्न मानने से मकान मालिक परेशान हो गया। इसलिए मकान मालिक उनके कमरे में आकर उन्हे डाटा की जश्न मनाना है तो आराम से मनाओ ताकि किसी दूसरे को परेशानी ना हो। बेचारे विद्यार्थियों के खुशी के उत्सव में मकान मालिक के आने से बिघ्न पड़ गया। अर्थात इस प्रकार का विघ्न पड़ने को ही “रंग में भंग पड़ना” कहते है।

Rang Mein Bhang Padna Muhavare Ka Arth / “रंग में भंग पड़ना” मुहावरे का अर्थ।

  • मुहावरा – “रंग में भंग पड़ना”।
    – (Muhvara : Rang Mein Bhang Padna).
  • हिंदी में अर्थ – आनंद अथवा उल्लास में बाधा पड़ना / खुशी के उत्सव में किसी प्रकार का अवरोध (बिघ्न) पड़ना।
    – (Meaning in Hindi : Anand Athva Ullas Men Badha Padna / Khushi Ke Utasav Men Kisi Prakar Ka Vighna Padna).

“रंग में भंग पड़ना” मुहावरे का वाक्य प्रयोग / Rang Mein Bhang Padna Muhavare Ka Vaky Prayog.

“रंग में भंग पड़ना” इस मुहावरे का वाक्य प्रयोग नीचे दिये गये उदाहरणों के माध्यम से समझा जा सकता है।

उदाहरण- 1.

बाज़ार में कुछ कलाकार नशाखोरी विषय पर नुक्कड़ नाटक करके लोगो को जागरूक कर रहे थे। वो लोग अपने नाटक के माध्यम से ये बता रहे थे कि नशा हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है। तभी दर्शकों के बींच में से एक दर्शक ने इसपर बहस करना चालू कर दिया। फिर क्या था उस नुक्कड़ नाटक को देखकर जो लोग आनंदित हो रहे थे उसमे अवरोध (बाधा) पड़ गया और नाटक को बीच में ही रोकना पड़ा। अर्थात नुक्कड़ नाटक में बाधा पड़ने का मतलब “रंग में भंग पड़ना” होता है।

उदाहरण- 2.

राम बाबू के बेटी अंजली की सादी होने वाली है। इसलिए सारे नात रिश्तेदार राम बाबू के घर पहले ही आ चुके थे। आज अंजली की मेहंदी है। इसलिए सब लोग बड़े धूम धाम से मेहंदी की रश्म को मना रहे थे। अचानक बिजली के चले जाने से इस खुशी की उत्सव में बाधा पड़ गया। मतलब की इस खुशी के उत्सव में बाधा पड़ना ही “रंग में भंग पड़ने” के समान है।

उदाहरण- 3.

शहर में एक मेले का आयोजन किया गया था। सब लोग बहुत खुश थे। चारो तरफ धूम धाम का माहौल था। सभी लोग अपने अपने घरों से नीकल कर मेले का आनंद ले रहे थे। तभी अचानक मेले में भगदड़ मच गयी। इस भगदड़ से लोगो के खुशी के उत्सव में बाधा पड़ गयी। भगदड़ इतना ज्यादा मच गया की चारो तरफ मायुशी छा गयी। यानी कि इस खुशी के उत्सव में भगदड़ मचने से जो बाधा आयी उसी को “रंग में भंग पड़ना” कहते है।

उदाहरण- 4.

स्कूल के सभी बच्चे और अध्यापक पिकनिक मानने ले लिए मनाली जाने वाले थे। जाने की सारी तैयारियां हो चुकी थी। सब लोग बहुत खुश थे की वो पिकनिक मानने जाने वाले है। सभी लोग अब बस में बैठने ही वाले थे कि अचानक बस के ड्राइवर की तबियत बहुत खराब हो गयी और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। बस ड्राइवर का तबियत खराब होने से बच्चों और अध्यापको के खुशीयो में विघ्न पड़ गया। और यही विघ्न “रंग में भंग पड़ने” जैसा है।

हमें उम्मीद है की आपको इस मुहावरे का अर्थ समझ में आगया होगा। अपने सुझाव देने के लिए हमें कमेंट करें।

… … धन्यवाद !

 

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